महादेव सट्टा ऐप केस में ED की बड़ी कार्रवाई: Ebix Official के चेयरमैन विकास गर्ग गिरफ्तार, 940 करोड़ की संपत्ति अटैच


रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रवर्तन एजेंसियों की जांच के केंद्र में रहे महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए Ebix Official के चेयरमैन और कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले ईडी उनकी और उनसे जुड़ी संस्थाओं की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है।

ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत रायपुर जोनल कार्यालय से कार्रवाई करते हुए विकास गर्ग, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों की संपत्तियां अटैच की हैं। जांच एजेंसी के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों में आलीशान आवास, विभिन्न शहरों में भूखंड, व्यावसायिक भूमि, इक्विटी शेयर, सिक्योरिटीज, निवेश और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल हैं।

ईडी का आरोप है कि ये संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज के जरिए संचालित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से अर्जित धन से खरीदी गईं या उसी धन को वैध दिखाने की वित्तीय संरचना का हिस्सा थीं।

दुर्ग की FIR से शुरू हुई जांच

इस मामले की जांच दुर्ग पुलिस में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। बाद में छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के अलावा आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों को भी जांच में शामिल किया गया। इन मामलों में ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं।

अब तक 3,800 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच

ईडी इससे पहले सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर चुकी है। ताजा कार्रवाई से पहले एजेंसी करीब 2,825 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां, विदेशी परिसंपत्तियां, बैंक खातों में जमा राशि और अन्य वित्तीय संपत्तियां कुर्क कर चुकी थी। विकास गर्ग से जुड़ी 940.77 करोड़ रुपये की नई कुर्की के बाद इस मामले में अब तक लगभग 3,800 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।

हर महीने 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज का नेटवर्क विदेशों से संचालित होता था। यह फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम पर काम करता था, जिसमें देशभर में एजेंट और सब-एजेंट जुड़े थे। ईडी का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की जाती थी।

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दिल्ली, गोवा और नैनीताल की संपत्तियां भी कुर्क

विकास गर्ग शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों विकास इकोटेक, विकास लाइफकेयर और एराया लाइफस्पेसेज के प्रमोटर हैं। वर्ष 2024 में एराया लाइफस्पेसेज द्वारा अमेरिका की दिवालिया सॉफ्टवेयर कंपनी Ebix के अधिग्रहण के बाद वह चर्चा में आए थे।

ईडी ने 5 जून को जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर में दिल्ली स्थित उनके आवास, गोवा और नैनीताल की संपत्तियों के साथ एराया लाइफस्पेसेज द्वारा Ebix में खरीदी गई 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी भी कुर्क की थी।

काले धन से Ebix खरीदने का आरोप

ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग ने अमेरिका की कंपनी Ebix का अधिग्रहण व्यावसायिक विस्तार के लिए नहीं, बल्कि महादेव सट्टा ऐप से अर्जित कथित काले धन को वैध बनाने के उद्देश्य से किया। जांच एजेंसी के अनुसार करीब 940 करोड़ रुपये विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के माध्यम से एराया लाइफस्पेसेज के Qualified Institutional Placement (QIP) में लगाए गए, जिसके जरिए अगस्त 2024 में Ebix के अधिग्रहण की वित्तीय संरचना तैयार की गई। फिलहाल ईडी मामले में मनी ट्रेल, निवेश के स्रोत और इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों व कंपनियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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